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यूपी का हाल: स्कूल में गायें, सड़कों पर क्लास, किसानों पर मुक़दमे

उत्तर प्रदेश में गोवंश क़ानून-व्यवस्था के लिए परेशानी बनने लगे हैं। गोवंश को लेकर मथुरा में 50 से ज़्यादा किसानों के विरुद्ध मुक़दमे दर्ज़ करने के बाद अब शामली में भी 20 किसानों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज़ किए गए हैं। दरअसल, गोवंश से फ़सलों को बचाने के लिए किसानों ने जगह-जगह सरकारी स्थानों पर गायें बांधनी शुरू कर दी हैं। अब प्रशासन उनके ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज़ कर रहा है।

शामली के कुडाना गाँव में भी कुछ ऐसा ही हुआ। मंगलवार को दर्ज़नों किसानों ने खेतों में आवारा घूम रही 50 से ज़्यादा गायों को स्थानीय सरकारी स्कूल में बंद कर दिया था। यहाँ पढ़ाई बाधित हो गई। बाद में स्कूल प्रशासन ने बच्चों को गली में बैठाकर पढ़ाया।

एक शिक्षिका ने बताया कि सुबह जब वह स्कूल पहुँची तो स्कूल बाहर से बंद था और अंदर 25 से 30 गायें घूम रही थीं। किसान कह रहे थे कि वे मजबूर हैं। इसके बाद भी कुछ किसान और गायें लेकर आये। हमें बच्चों को स्कूल के बाहर रास्ते पर पढ़ाना पड़ा।
  • पुलिस ने दर्ज़नों किसानों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत मुक़दमा दर्ज़ कर लिया। शामली पुलिस कप्तान अजय कुमार के मुताबिक़ किसानों ने स्कूल में पढ़ते बच्चों को ठंड में बाहर पढ़ने को मजबूर किया और सरकारी कार्य मे बाधा पहुँचाई। मौक़े हर पहुँचे स्थानीय तहसीलदार सुरेन्द सिंह ने बताया कि इसके बाद बुतराडा में गायों के रहने की अस्थाई व्यवस्था कर दी गई।

किसानों में ग़ुस्सा

स्थानीय किसानों में मुक़दमा दर्ज़ होने पर ग़ुस्सा है। कुडाना के किसान जितेंद्र चौधरी ने बताया, ‘जंगलों में सैकड़ों गायें और सांड घूम रहे हैं जो इस समय फ़सल तबाह कर रहे हैं। कई बार स्थानीय प्रशासन से शिकायत की। आसपास की सभी गोशलाएँ अब इन्हें लेने से इनकार कर रही हैं। किसान इन से तंग हो गया है। हम लोग सभी लगभग 50 गोवंश को स्कूल के अंदर छोड़ आए। हम गाय का आदर करते हैं। हमने यह अपनी फ़सल को बचाने और गाय को नुक़सान न पहुँचे इस नीयत से किया मगर हमारे ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज़ कर दिया गया।’ 

कुडाना के किसान रोहताश, बबलू और राजकुमार ने बताया कि पुलिस किसानों के विरुद्ध मुक़दमा लिखकर उनपर दोहरी चोट की है। सरकार को गायों की चिंता तो है मगर किसानों की नहीं है। रात में गाय फ़सल ख़राब करती है। गौकशी के मुक़दमों के बीच अधिकतर लोगों ने तो गाय पालनी बंद कर ही दी है। 

शरारती तत्व कहने पर आपत्ति

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक़ यह कार्रवाई लखनऊ के आदेश पर हुई। इसके बाद एसपी शामली अजय कुमार ने बाकायदा एक अपील जारी की है जिसमें किसानों को गायों को इस तरह से बंद न करने की हिदायत दी और इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया गया है। ख़ास बात है कि किसान इसे अपील कम धमकी ज़्यादा बता रहे हैं। इसमें स्कूल में गाय बंद करने वाले किसानों को शरारती तत्व कहने पर किसानों ने आपत्ति की है।

  • शामली के पूर्व कांग्रेस विधायक पंकज मलिक ने कहा कि आवारा पशुओं की यह समस्या गाँव-गाँव में है। किसानों के विरुद्ध मुक़दमे दर्ज़ कर दिए गए हैं। यह बात साबित करती है कि यह सरकार किसान विरोधी है और उनकी आवाज़ दबाने का काम कर रही है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के गायों के प्रति रुख़ को देखते हुए सड़कों पर आवारा गोवंश की बाढ़ आ गई है। उत्तर प्रदेश में कई जगह किसानों ने गायें सरकारी दफ़्तरों में बंद कर दी हैं, कुछ स्थानों पर किसानों के ख़िलाफ़ मुक़दमे भी दर्ज़ हुए हैं। हाल ही मथुरा में भी 50 से ज़्यादा किसानों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज़ हुए। मथुरा के गोवर्धन के जिख़रगंज में भी किसानों ने गोवंश को स्कूल में बंद कर दिया था। इसके बाद उनके ख़िलाफ़ पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत मुक़दमा दर्ज़ हुआ।
आस मुहम्मद
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