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लखीमपुर: गिरफ़्तार मंत्री के बेटे को डेंगू, अस्पताल जे जाए गए

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है। उनका इलाज डॉक्टरों का एक पैनल करेगा। पुलिस ने पहले ही कहा था कि डेंगू के संदिग्ध लक्षणों के बाद सरकारी अस्पताल में इलाज कराए जाने की संभावना है।

लखीमपुर खीरी में हिंसा का यह वह मामला है जिसमें 3 अक्टूबर को 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि तीन गाड़ियों के एक काफिले ने प्रदर्शन करने वाले किसानों को रौंद दिया था। इसमें अजय मिश्रा की एक महिंद्रा थार भी शामिल थी। आरोप सीधे तौर पर मंत्री के बेटे आशीष पर लगा कि उन्होंने कथित तौर पर गाड़ी चढ़ाई। 

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, लखीमपुर खीरी के सीएमओ शैलेंद्र भटनागर ने कहा, 'आशीष मिश्रा को जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है। उनकी डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा, उन्हें मधुमेह भी है।' इससे पहले लखीमपुर खीरी ज़िला जेल के अधीक्षक पीपी सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि शनिवार को यह पुष्टि नहीं हुई थी कि वह डेंगू से पीड़ित हैं या नहीं। उनका नमूना शुक्रवार को जाँच के लिए भेजा गया था। 

इस मामले में मारे गए किसानों के परिवारों ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि मंत्री के बेटे एसयूवी की ड्राइविंग सीट पर थे जिन्होंने किसानों को कुचल दिया। मंत्री और उनके बेटे आशीष मिश्रा दोनों ने इस आरोप से इनकार किया है कि जब हत्याएँ हुई थीं तब वह घटनास्थल पर थे। 

आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी 12 घंटे की पुलिस पूछताछ के बाद हुई। पूछताछ भी सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुई थी। 9 अक्टूबर को उनकी गिरफ्तारी के बाद उनको पहली बार 11 अक्टूबर को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था, जिनकी रिमांड अवधि 12 अक्टूबर से शुरू होकर 15 अक्टूबर को समाप्त हुई थी। उनकी पहली रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लखीमपुर जेल में वापस भेज दिया गया था। 

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बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को लखीमपुर खीरी हिंसा की जाँच से जुड़ा एक चौंकाने वाला फ़ैसला लिया है। इसने मामले की जाँच कर रहे विशेष जांच दल यानी एसआईटी के प्रमुख डीआईजी उपेंद्र कुमार अग्रवाल का तबादला कर दिया है। उनको गोंडा रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है। इस फ़ैसले ने इसलिए सबको चौंकाया है क्योंकि लखीमपुर खीरी ज़िला गोंडा रेंज के अंतर्गत नहीं आता है, बल्कि लखनऊ रेंज के अंतर्गत आता है।

हालाँकि इस मामले में अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि अग्रवाल अपनी नई पोस्टिंग के बावजूद एसआईटी के प्रमुख बने रहेंगे। बता दें कि राज्य सरकार ने शुक्रवार को पांच अन्य आईपीएस अधिकारियों का भी तबादला कर दिया है।

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