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क्या सपा गठबंधन से अलग होगा महान दल?

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है। गठबंधन में शामिल महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य गठबंधन से किनारा कर सकते हैं। महान दल को विधानसभा चुनाव में सपा ने 2 सीटें दी थीं लेकिन उसे जीत नहीं मिली थी। 

यह कहा जा रहा है कि केशव देव मौर्य एमएलसी चुनाव में सपा का टिकट चाहते थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला है और इस वजह से उन्होंने गठबंधन से किनारा करने का मन बना लिया है। 

महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य ने एबीपी न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा कि वह समाजवादी पार्टी से दुखी हैं। मौर्य ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन की जीत के लिए पूरा जोर लगाया था।

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अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव में जयंत चौधरी के राष्ट्रीय लोक दल, ओमप्रकाश राजभर के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, केशव देव मौर्य के महान दल, कृष्णा पटेल के अपना दल (कमेरावादी) के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाया था। लेकिन यह गठबंधन विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सका था।

गठबंधन की हार के बाद ही ओमप्रकाश राजभर की नाराजगी की खबर सामने आई थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजकर गठबंधन को संभालने की कोशिश की है। लेकिन महान दल अगर अलग होता है तो इससे सपा गठबंधन को झटका लगेगा। 

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केशव देव मौर्य ने विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में आने के कारण गठबंधन को नुकसान होने की बात कही थी। बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य चुनाव से ठीक पहले बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल हुए थे। वह अपनी पुरानी सीट पडरौना को छोड़कर फाजिलनगर से चुनाव लड़े थे और यहां उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

कुशवाहा, शाक्य, सैनी, मौर्य सहित पिछड़े समाज की कुछ और बिरादरियों के बीच महान दल का अच्छा आधार माना जाता है। इस दल का बरेली, पीलीभीत, बदायूं शाहजहांपुर आदि में असर है। 

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