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पुलिस : महंत नरेंद्र गिरी ने मौत से पहले मोबाइल पर रिकॉर्ड किया अपना वीडियो 

बाघंबरी पीठ के महंत व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कथित तौर पर आत्महत्या करने से पहले अपना बयान मोबाइल फ़ोन पर रिकॉर्ड किया।

इतना ही नहीं, चूंकि वे मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड करना नहीं जानते थे, उन्होंने मृत्यु से पहले अपने एक शिष्य को बुला कर उससे रिकॉर्डिंग सीखी और खुद ट्रायल के दो वीडियो रिकॉर्ड किए। 

'एनडीटीवी' के अनुसार, महंत नरेंद्र गिरी ने रविवार को अपने एक शिष्य सर्वेश द्विवेदी को बुलाया और उनसे मोबाइल फ़ोन पर रिकॉर्डिंग सीखी। इसके बाद उन्होंने दो वीडियो खुद रिकॉर्ड किए, ये ट्रायल वीडियो थे।

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ट्रायल वीडियो

उन्होंने इन दो ट्रायल वीडियो की क्वालिटी को देखा और उससे संतुष्ट होने के बाद ही अपना फ़ाइनल वीडियो रिकॉर्ड किया।

पुलिस के अनुसार, मौत के पहले रिकॉर्ड किया गया वीडियो चार मिनट 30 सेकंड का है। इसमें वे कथित तौर पर यह कहते हैं कि उन्हें इसकी आशंका है कि उनका शिष्य आनंद गिरी किसी महिला के साथ उनका मॉर्फ़ किया हुआ एक फोटो वायरल कर देगा और इस तरह उन्हें लज्जित होना पड़ेगा। 

इस वीडियो में महंत नरेंद्र गिरी कथित तौर पर यह कहते हैं कि आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी उनकी मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं। 

वीडियो में वे इन तीनों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हैं। वे यह भी कहते हैं कि उनके जीवन का अब कोई मक़सद नहीं बचा है। 

मौके पर पहुँची उत्तर प्रदेश पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद उनका  मोबाइल फ़ोन उनके कमरे से बरामद किया था, जिसे सील कर दिया गया है। इस फ़ोन की फोरेंसिक जाँच की जानी है।

इसके अलावा पुलिस ने स्वामी आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी के भी मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिए हैं।

संदीप तिवारी के पास सैमसंग गैलेक्सी नोट 20 अल्ट्रा फ़ोन था, जिसकी कीमत एक लाख रुपए से ज़्यादा है, हालांकि वह स्वयं मंदिर में नौ हज़ार रुपए की नौकरी करता है।

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