loader

औरैया: खेत में मिला नाबालिग का शव, हत्या-बलात्कार का आरोप 

उत्तर प्रदेश के औरैया में एक नाबालिग लड़की का शव सोमवार को खेत में मिला। नाबालिग के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना दिबियापुर पुलिस थाने के अंतर्गत हुई है। 

इस मामले में एक वीडियो भी सामने आया जिसमें यह कहा गया कि पुलिस नाबालिग के शव को लेकर भाग रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस कुछ छुपाने के लिए ऐसा कर रही है लेकिन पुलिस ने इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है। 

पुलिस ने इस मामले में दुष्कर्म, हत्या व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

ताज़ा ख़बरें

कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा था कि लड़की का शव मिलने पर पुलिस पहुंची और वहां से शव को लेकर भागने लगी जबकि उसका बदहाल परिवार पीछे दौड़ रहा था। 

वायरल वीडियो को लेकर औरैया की पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कहा है कि घटनास्थल क्योंकि खेतों के बीच में था इसलिए कोई भी वाहन वहां तक नहीं पहुंच सकता था। उन्होंने बताया कि नाबालिग के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था और इसलिए शव को स्ट्रेचर पर रखकर खेत से वाहन तक ले जाया गया और इसके वीडियो को गलत ढंग से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। 

पुलिस अधीक्षक ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी कि वह इस वीडियो को लेकर गलत जानकारी ना फैलाएं। उन्होंने कहा कि फिर से ऐसा होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

क्या कहना है परिजनों का?

पीड़ित लड़की के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी सुबह के वक्त शौच करने के लिए गई थी लेकिन जब वह कई घंटे तक वापस नहीं लौटी तो उन्होंने लड़की की तलाश की। थोड़ी देर बाद खेत में उसकी लाश मिली। 

दैनिक जागरण के मुताबिक, परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी शौच के लिए अक्सर अपनी मां या कुछ सहेलियों के साथ जाती थी लेकिन उस दिन वह अकेले गई थी। 

उत्तर प्रदेश से और खबरें

घटना के बारे में पता चलने पर औरैया की पुलिस अधीक्षक चारू निगम फॉरेंसिक विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।  

लखीमपुर खीरी की घटना 

कुछ दिन पहले लखीमपुर खीरी के निघासन में दो नाबालिग दलित बहनों के शव पेड़ से लटके मिले थे। इस मामले में पुलिस ने 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा था कि लड़कियों से उनकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए गए और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें