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उन्नाव: यूपी सरकार पर विपक्ष हमलावर, अखिलेश यादव ने दिया धरना

यूपी के उन्नाव में दबंगों द्वारा जिंदा जलाई गई बलात्कार पीड़िता के दम तोड़ने के बाद विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हो गया है। पीड़िता ने शुक्रवार रात को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल के एचओडी (बर्न एंड प्लास्टिक) डॉ. सलभ कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात को 11:10 पर पीड़िता को दिल का दौरा पड़ा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पीड़िता को बचाने की कोशिश की लेकिन 11:40 पर उसने दम तोड़ दिया। 

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया। अखिलेश यादव ने कहा, ‘यह बेहद दुखद घटना है। यह काला दिन है। योगी राज में यह पहली घटना नहीं है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा है, अपराधियों को ठोक दिया जाएगा और वह एक बेटी की जिंदगी नहीं बचा सके।’ अखिलेश ने तीख़ा हमला बोलते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के हटे बिना, मुख्य सचिव के हटे बिना, डीजीपी के हटे बिना उत्तर प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ठीक नहीं हो सकती है।’ उन्होंने कहा कि उन्नाव रेप पीड़िता की मौत पर समाजवादी पार्टी रविवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में शोक सभा का आयोजन करेगी। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा है कि उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी? उप्र में रोज-रोज महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है? प्रियंका ने कहा कि सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी क़ानून व्यवस्था को भी दिखाता है। प्रियंका गाँधी ने उन्नाव जाकर पीड़िता के परिवार से मुलाक़ात की है। 

प्रियंका ने उन्नाव में ही बलात्कार के एक अन्य मामले में अभियुक्त और बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बीजेपी सांसद चिन्मयानंद के जन्म दिन की बधाई देने के लिए उन्हें निशाने पर लिया है। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी सांसद बलात्कार के आरोपी बीजेपी नेता को बधाई संदेश दे रहे हैं। आरोपियों के पक्ष में जब क़ानून बनाने वाले खड़े हो जाएँगे तो अपराधियों से लड़ने का हौसला कौन देगा?’

उन्नाव पीड़िता की मौत पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि दुःख की घड़ी में बीएसपी पीड़ित परिवार के साथ है। मायावती ने कहा कि यू.पी. सरकार पीड़ित परिवार को समुचित न्याय दिलाने हेतु विशेष पहल करे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ऐसी घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए दोषियों को निर्धारित समय के भीतर ही फांसी की सजा दिलाने का क़ानून ज़रूर बनाए।

उन्नाव पीड़िता की मौत पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और मुक़दमे को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

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उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता को बृहस्पतिवार सुबह 5 दबंगों ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। पीड़िता की हालत बेहद गंभीर भी और बताया गया था कि वह 90 फ़ीसदी जल गई थी। पीड़िता के साथ दो लोगों ने बीते साल दिसंबर में सामूहिक बलात्कार किया था और ये लोग पीड़िता को जलाने वालों में भी शामिल थे। 

जीना चाहती थी पीड़िता

पीड़िता के भाई ने अंग्रेजी न्यूज़ चैनल इंडिया टुडे को बताया कि मरने से पहले उसकी बहन ने कहा था कि वह जीना चाहती है। भाई ने बताया, ‘उसने कहा कि भैया मुझे बचा लो, मुझे मरना नहीं है, जिन्होंने मेरे साथ ये किया है, उन्हें मैं मौत की सजा पाते देखना चाहती हूँ।’ पीड़िता के भाई ने कहा कि पाँचों अभियुक्तों को मौत की सजा मिलनी चाहिए। 

उन्नाव कांड की पीड़िता के पिता ने न्यूज़ चैनल आज तक से कहा है कि जैसा हैदराबाद में दिशा के साथ हत्या-बलात्कार करने वाले अभियुक्तों के साथ हुआ है, वैसा ही उनकी बेटी के अभियुक्तों के साथ होना चाहिए या उन्हें फांसी दी जाए। दिशा के अभियुक्तों को हैदराबाद पुलिस ने शुक्रवार तड़के एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। 

यह घटना तब हुई थी जब पीड़िता बलात्कार मामले में सुनवाई के लिए रायबरेली की एक अदालत में पहुँचने के लिए ट्रेन पकड़ने रेलवे स्टेशन जा रही थी। लेकिन तभी बलात्कार का मुख्य अभियुक्त शिवम त्रिवेदी अपने 4 अन्य साथियों के साथ पीड़िता को गाँव से बाहर खेतों में ले गया और उस पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहाँ से उसे लखनऊ रेफ़र कर दिया गया था। पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बृहस्पतिवार रात को लखनऊ से दिल्ली एयरलिफ़्ट किया गया और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

जलाए जाने के बाद चली थी 1 किमी. पैदल 

पीड़िता ने न्यूज़ चैनल आज तक को बताया था कि दबंगों द्वारा जलाए जाने के बाद वह एक किमी. तक पैदल चली और उसने एक घर के बाहर काम कर रहे एक आदमी से मदद माँगी। इसके बाद पीड़िता ने 112 नंबर पर कॉल की थी और पुलिस को घटना की सूचना दी थी। इसके बाद ही पीआरवी और एंबुलेंस मौक़े पर पहुंचीं थी। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को बयान दिया था। बयान में पीड़िता ने उसे जलाने वाले पाँचों लोगों के नाम भी बताए थे। पीड़िता ने बताया था कि पाँचों लोगों ने उसे पीटा, चाकू घोंपा और फिर जिंदा जला दिया। अभियुक्तों के नाम हरिशंकर त्रिवेदी, राम किशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी, शिवम और शुभम त्रिवेदी हैं। 

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