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फ़ोटो साभार: गोंडा पुलिस

गोंडा पुलिस: मंदिर के पुजारी ने ही ख़ुद पर हमले की साज़िश रची

उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में मंदिर के एक पुजारी पर जिस हमले के मामले ने तूल पकड़ा था और सरकार की तीखी आलोचना हो रही थी वह हमला दरअसल पुजारी ने ख़ुद से कराया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह दावा किया है। पुजारी ने ऐसा साज़िश के तहत अपने दुश्मन को फँसाने के लिए किया। यह हमला ज़मीन विवाद को लेकर किया गया।

पुजारी पर गोली चलाने के इस मामले ने इसलिए काफ़ी तूल पकड़ लिया था क्योंकि हाल के दिनों में साधुओं पर हमले के मामले बढ़े हैं। इससे पहले राजस्थान के करौली में ज़मीन विवाद में पुजारी को ज़िंदा जला दिया गया था जिसमें साधु की मौत हो गई थी। बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में यमुना नदी से साधु का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस बीच जब गोंडा में मंदिर के पुजारी पर हमले की ख़बर आई तो इस पर हंगामा हो गया। अयोध्या से भी साधु-संत गोंडा में पहुँचे और हमलावरों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई की माँग करने लगे थे। वैसे, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में जितनी अपराध की घटनाएँ बढ़ी हैं इससे सरकार की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है। 

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यह मामला थाना इटियाथोक के तिर्रेमनोरमा गाँव के श्रीरामजानकी मंदिर का है। पुजारी सम्राट दास को 10 अक्टूबर की रात बदमाशों ने गोली मार दी थी। इसमें वह घायल हो गए थे। हमले में घायल हुए पुजारी अतुल त्रिपाठी उर्फ सम्राट दास का लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अब इस मामले में पुलिस ने शनिवार को मास्टर माइंड सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस हमले की साज़िश को महंत सीताराम दास, गाँव के प्रधान और घायल हुए पुजारी ने मिलकर रचा था। 

इससे पहले जब हमला हुआ था तब घटना के बाद महंत सीताराम दास ने गाँव के पूर्व प्रधान अमर सिंह और उनके साथियों के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था। इसके बाद अगले ही दिन दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया था जबकि अमर सिंह गिरफ़्त से दूर थे। 

इस घटना में साज़िश के बारे में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में खुलासा किया गया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने साज़िश का खुलासा किया है।

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया गया कि पकड़े गए अभियुक्तों के पास से अवैध तमंचा व ज़िंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एसपी शैलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि साज़िश के तहत पुजारी को गोली मारने की घटना को अंजाम दिया गया था। 

क्या है विवाद?

पुलिस के अनुसार, तिर्रेमनोरमा में रामजानकी मंदिर की 120 बीघा ज़मीन है। इसको लेकर महंत सीताराम दास व और गाँव के पूर्व प्रधान अमर सिंह के बीच विवाद था। मौजूदा ग्राम प्रधान विनय सिंह और पूर्व में ग्राम प्रधान रहे अमर सिंह के बीच चुनाव को लेकर रंजिश भी थी। पुलिस के अनुसार, इन्हीं बातों को लेकर महंत सीताराम दास व विनय सिंह ने अमर सिंह को फँसाने की साज़िश रची। पुलिस ने दावा किया है कि ख़ुद को घायल किए जाने के लिए पुजारी सम्राट दास की सहमति थी। पुलिस के अनुसार 10 अक्तूबर की रात साज़िश को अंजाम दिया गया। पुजारी सम्राट दास को गोली मार दी गई और इसके बाद महंत सीताराम दास अंदर जाकर सोने का नाटक करने लगे। फ़ायरिंग सुनकर मौक़े पर पहुँचे होमगार्डों पर भी फ़ायरिंग की गई।

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