चुनाव जब 6 महीने दूर रह जाते हैं तो सत्तारूढ़ दल के विधायकों-मंत्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे साढ़े चार साल में किए अपने कामों के बारे में जनता को बताएंगे। जो काम रह गया है, उसके लिए कोशिश करेंगे लेकिन उत्तर प्रदेश में उल्टी गंगा बहाई जा रही है।