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लखीमपुर खीरी कांड में मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा गिरफ़्तार

लखीमपुर खीरी कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को गिरफ़्तार कर लिया गया है। 

उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को कई घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। 

सुबह 11 बजे से चली पूछताछ के दौरान उनसे लगभग 40 सवाल पूछे गए। उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए, पर इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए कि वे घटना के दिन यानी रविवार को दोपहर 2.36 बजे से 3.30 तक कहाँ थे और क्या कर रहे थे। 

'सहयोग नहीं कर रहे'

आशीष मिश्रा से पूछताछ कर रही विशेष जाँच दल यानी एसआईटी का कहना है कि आशीष पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्हें जाँच में सहयोग नहीं करने की वजह से ही गिरफ़्तार किया गया है। उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा। समझा जाता है कि पुलिस अदालत से आशीष मिश्रा की रिमांड मांगेगी ताकि आगे की पूछताछ की जा सके और जाँच को आगे बढ़ाया जा सके।

बता दें कि आशीष पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने रविवार को लखीमपुर खीरी ज़िले के तिकुनिया में प्रदर्शनकारी किसानों पर तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चढ़ा कर उन्हें रौंद दिया। इस हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए।

आशीष और उनके पिता अजय कुमार मिश्रा ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। 

अजय मिश्रा देंगे इस्तीफ़ा?

इस गिरफ़्तारी के साथ ही यह सवाल उठ रहा है कि आशीष के पिता अजय कुमार मिश्रा अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे या नहीं। सवाल यह भी है कि यदि वे खुद इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें बर्खास्त कर देंगे। 

इस कांड के बाद अजय मिश्रा दिल्ली गए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की और उसके बाद अपने दफ़्तर जाकर सामान्य ढंग से काम किया।

उस समय मीडिया में ख़बर थी कि अजय मिश्रा इस्तीफ़ा नहीं देंगे। 

पर अब बेटे की गिरफ़्तारी के बाद मंत्री जी पर दवाब बढ़ गया है। 

आशीष पर लगी हैं ये धाराएँ

आशीष मिश्रा के ख़िलाफ़ तिकुनिया थाने में 304 ए, 302, 120बी, 338, 279, 147,148,149 के तहत संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं। धारा 160 के तहत आशीष मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

यह गवाहों की उपस्थिति से जुड़ा हुआ है। हत्या के एक मामले में एक अभियुक्त को इस धारा के तहत जारी नोटिस पर कानूनी विशेषज्ञों ने सवाल उठाया था। पुलिस सूत्रों ने कहा था कि सीआरपीसी की धारा 160 के तहत तलब किए गए व्यक्ति को भी उनके बयानों के आधार पर गिरफ़्तार किया जा सकता है।

पुलिस ने शुक्रवार को समन भेजकर कहा था कि आशीष मिश्रा शनिवार सुबह 11 बजे पुलिस के सामने हाज़िर हों। क्राइम ब्रांच की टीम ने आशीष मिश्रा से कई घंटों तक पूछताछ की।   

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसके पहले गुरूवार को भी आशीष मिश्रा को समन भेजा था और कहा था कि वे पूछताछ के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे पुलिस के सामने पेश हों। पुलिस ने केंद्रीय मंत्री के घर के बाहर नोटिस भी चिपकाया था लेकिन मिश्रा नहीं आए थे। शुक्रवार को एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री के घर के बाहर नोटिस चिपकाया गया था। 

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योगी सरकार और बीजेपी उस वीडियो के बाद जिसमें किसानों को रौंदते हुए दिखाया गया है, जबरदस्त आलोचना झेल रही हैं। 

अजय मिश्रा टेनी पर पूर्व में कई मामले दर्ज रहे हैं। वे किसानों को खुलेआम धमका भी चुके हैं। उनके अपने पद पर बने रहते हुए क्या मारे गए किसानों को इंसाफ़ मिल सकता है, इसका जवाब नहीं में ही होगा। 

UP Police arrests ashish mishra in lakhimpur kheri incident  - Satya Hindi

दो लोग पहले ही गिरफ़्तार

पुलिस ने इस मामले में पहले ही दो लोगों को गिरफ़्तार किया था। इनके नाम लव कुश और आशीष पांडेय हैं। पुलिस ने कहा है कि ये दोनों उस गाड़ी में थे, जिसने पत्रकार और किसानों को कुचला था। इनसे दो कारतूस भी बरामद हुए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस की 8 सदस्यों वाली टीम लखीमपुर की घटना की जांच कर रही है। 
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