यूपी के अयोध्या में राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले के बाद सामने आए उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर चंदा चोरी के मामले में अब बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के कार्यालय के अधिकारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया है। मंदिर में चोरी के लिए बनी एसआईटी ने यह कार्रवाई की है। नौटियाल पर आरोप है कि वह मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई नकदी और क़ीमती वस्तुओं को गिनती कक्ष से निकालकर अपने साथ ले गए। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं।

चमोली पुलिस के अनुसार 8 जुलाई को बद्रीनाथ मंदिर के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने बद्रीनाथ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 2 जुलाई को मंदिर में आने वाले 'थाली भेंट' की गिनती के दौरान पैसे के हेरफेर की जानकारी मिली थी।
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इस शिकायत के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी बीकेटीसी के अध्यक्ष ने विभागीय जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा और एफआईआर दर्ज की गई।

SIT जाँच में क्या मिला?

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर डीएसपी की निगरानी में एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने दान गिनती कक्ष का निरीक्षण किया। इसने शिकायतकर्ता और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए और 2 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस के अनुसार, फुटेज में कथित तौर पर प्रमोद नौटियाल कई बार गिनती कक्ष से सामान निकालते हुए दिखाई दिए।

क्या-क्या चोरी करने का आरोप?

एसआईटी की जाँच में आरोप है कि प्रमोद नौटियाल ने अलग-अलग समय पर गिनती कक्ष से कई क़ीमती सामान अपने पास रख लिए। इनमें 500 रुपये के नोट, सोने और चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी इन सामानों को कभी अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तो कभी जेब में रखकर गिनती कक्ष से बाहर ले जाता था।

देहरादून से हुई गिरफ्तारी

एसआईटी ने रविवार देर रात ही प्रमोद नौटियाल को उनके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार किया। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

मामले के सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने प्रमोद नौटियाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी थी। समिति ने 3 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बाद में जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित भी कर दिया गया था।

शालिग्राम, लैपटॉप बरामद

एसआईटी ने कहा है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल के पास से कई सामान बरामद किए गए हैं। इसने कहा कि आरोपी के पास से एक शालिग्राम शिला और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा जारी किया गया एक लैपटॉप जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार, अभी तक आरोपी के पास से कोई नकद राशि बरामद नहीं हुई है। सोने-चांदी के सिक्के, 500 रुपये के नोट या अन्य सामान के बारे में बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को 500 रुपये के नोट, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम शिला और दान के लिफाफे ले जाते हुए देखा गया था, लेकिन फिलहाल केवल शालिग्राम शिला और लैपटॉप ही बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
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एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राहत की मांग की थी। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 16 जुलाई को तय की है।

मंदिर समिति की साख पर उठे सवाल

बद्रीनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और खूब दान देते हैं। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला सामने आने से मंदिर प्रशासन और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जाँच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।