अडानी पर सवाल उठाने वाले पत्रकारों और क्रिएटर्स को नोटिस भेजा गया। रवीश कुमार से ध्रुव राठी तक- क्या यह लोकतंत्र पर हमला है या सेंसरशिप की चाल?
अडानी पर सवाल उठाने वाले पत्रकारों और क्रिएटर्स को नोटिस भेजा गया। रवीश कुमार से ध्रुव राठी तक- क्या यह लोकतंत्र पर हमला है या सेंसरशिप की चाल?