रामदेव अठारह मार्च से ही मीडिया में दावे कर रहे हैं कि उन्होंने कोरोना का इलाज ढूँढ लिया है जबकि सारी दुनिया में कोई ऐसा दावा करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इधर एक अमेरिकी लैब के प्रमुख साइंटिस्ट ने सत्यहिंदी को बताया कि रामदेव तो उनके यहाँ अभी उसी दवा के परीक्षण के लिए लंबित हैं। देखिए 'शीतल के सवाल'।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।















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