सौ दिन में 2800 किलोमीटर की यात्रा से राहुल गाँधी को क्या हासिल हुआ? क्या काँग्रेस पार्टी उठकर खड़ी हुई? क्या राहुल गाँधी की इमेज यात्रा ने बदल दी? क्या हाल के चुनाव में यात्रा का कोई फ़र्क दिखलाई दिया? क्या अराजनीतिक रखने से यात्रा का पूरा फ़ायदा नहीं मिला? क्या उनकी यात्रा ने मोदी और उनकी पार्टी के लिए चिंताएं पैदा कीं?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























