देश में बड़े कौतूहल के बीच सारी आबादी में सोशल डिस्टेंसिंग को लागू करने के लिये पूरे देश को लॉकडाउन करने का एलान हुआ था। मोदीजी की हर इवेंट की तरह 8 PM की इस इवेंट के लिये भी मास्टरस्ट्रोक जैसे जुमलों से क़सीदे गढ़े गए। पर मज़दूरों की अंतहीन क़तारों ने देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस फ़ैसले का तिया पाँचा कर दिया। दो बहुचर्चित और सम्मानित रिटायर्ड अफ़सरों से यही पूछ रहे हैं शीतल पी सिंह!
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























