बहुत समय बाद मोदी सरकार विपक्ष के हाथ राजनैतिक मैट पर चित्त हुई नज़र आई। यह अजूबा सोनिया गाँधी ने किया। लगभग हाशिये पर जा पहुँचे बे-आवाज़ विपक्ष की ओर से एकाएक सोनिया गाँधी ने ऐसा हस्तक्षेप किया कि सारे लाव-लश्कर के बावजूद मोदी सरकार प्रवासी मज़दूरों की घरवापसी पर रंगे हाथ ग़लतबयानी करते पकड़ी गई। तथ्यों के हवाले से विवेचना कर रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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