दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाक़े में कोरोना के मरीज़ों का रेवड़ मिला है । तबलीगी जमात नाम के मुसलमानों के सुन्नी फ़िरक़े के ये लोग कोरोना युग में एक छ: मंज़िला इमारत में तीन चार हज़ार लोगों को इकट्ठा करके मानवता के हित में कौन सा टोटका तैयार कर रहे थे ?इनकी बेवक़ूफ़ी के चलते सारे मुसलमानों को कटघरे में खड़ा करने के पीछे का कारक क्या है? रिटायर्ड IPS वी एन राय से यही पूछ रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























