कोरोना के क़हर से वेटिकन के दरवाज़ों पर ताला है मक्का में कर्फ़्यू है और तिरुपति में लोगों के आने पर रोक है। पिछली सदी ने हज़ारों साल से ईश्वर नाम की फ़िलासफ़ी पर सबसे बड़ा प्रशनचिन्ह तब खड़ा कर दिया था जब 1917 में रूस में एक ऐसी सत्ता क़ायम हो गई जिसके सत्तारोहण में पहली बार ईश्वर ग़ायब था। शीतल पी सिंह के सवाल पर रिटायर्ड आईपीएस और दानिशवर वी एन राय कह रहे हैं कि कोरोना के बाद की दुनिया वैसी नहीं रह सकेगी जैसी थी!
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























