2015 में बीजेपी कुल 70 सीटों में से 3 सीटें ही जीत पाई थी और कांग्रेस शून्य पर थी। सत्य हिंदी के लिए शैलेंद्र ने इन क्षेत्रों में कई दिनों तक मतदाताओं की नब्ज़ टटोली। उनकी फ़ील्ड रिपोर्ट पर आधारित शीतल पी सिंह का विश्लेषण देखिए 'दिल्ली किसकी' में।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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