केजरीवाल को गाज़ीपुर का कूड़े का पहाड़ याद आया, तो बीजेपी के नेताओं को दिखने लगा यमुना का जहरीला झाग। आज ही क्यों खुली हैं दोनों की आंखें? दिल्ली का प्रदूषण क्या सिर्फ चुनावी मुद्दा है? यह पार्टियां कीचड़ उछालने के बजाय सफाई में क्यों नहीं लगतीं?
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।













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