दिल्ली में कुल 70 में से 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। अपने जन्म से ही 2013 के पहले चुनाव में ही 'आप' ने इन पर झंडा गाड़ दिया था और 2015 में तो उसने इन सारी सीटों को बहुत बड़े अंतर से जीता था। इस बार क्या हो सकता है, 'दिल्ली किसकी' में बता रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













.jpg&w=3840&q=75)








