कोरोना से निपटने के लिए स्वीडन ने न लॉकडाउन लगाया न बहुत कड़ी पाबंदियाँ। उसने इसके बिना ही संक्रमण रोकने की कोशिश की जिसे दुनिया ने स्वीडिश मॉडल का नाम दे दिया। शुरू में इसकी बहुत तारीफ़ भी हुई लेकिन अब हालात बिगड़ रहे हैं। पेश है इन्हीं सवालों पर स्वीडन की राजधानी स्टाकहोम में रह रही सबा सिन्हा से वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की बातचीत।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























