यह इंटरव्यू नहीं है दिल की बात है । इसमें कोई आडम्बर नहीं है छल नहीं है बल्कि ईमानदार चिंता है । सोमपाल शास्त्री जी केंद्र सरकार में कृषि मंत्री रहे, बीजेपी में रहे हैं, 2014 के बीजेपी के विजन डॉक्यूमेंट में स्वामीनाथन रिपोर्ट की संस्तुति उनकी थीं । पर अब उनकी आँखों में आँसू हैं । यह पूछने का नहीं सुनने का मौक़ा था जिसमें शीतल पी सिंह के सवाल पिघल गये !
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।





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