सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीकी को जमानत देते हुए कहा कि सहमति से हुई शादी में राज्य का हस्तक्षेप और धर्म के आधार पर जेल गलत है। हरिद्वार मामले में धार्मिक पहचान छिपाने का आरोप खारिज हुआ। यह फैसला अंतर-धार्मिक विवाहों को स्वीकार्यता और कानूनी सुरक्षा दे सकता है।
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