पूर्वी उत्तर प्रदेश में किसान MSP से आधे दाम पर धान बिचौलियों को बेचने पर अभिशप्त है पर हिंदी के दैनिक अख़बारों में वह हैदराबाद की म्युनिसिपैलिटी के चुनाव नतीजे की ख़बर तलाश रहा है । एक हेक्टेयर से भी कम जोत के 95% किसानों के प्रचंड बहुमत के इस रेवड़ के हाल पर सवाल कर रहे हैं शीतल पी सिंह
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।


















.jpg&w=3840&q=75)



