बबीता फोगाट पर FIR हो गई। सुदर्शन टीवी पर पचास लाख रुपए का जुर्माना हो गया। एबीपी न्यूज़ के ख़िलाफ़ FIR होते ही उसकी भाषा बदल गई । यह सब संभव है अभी सब कुछ समाप्त नहीं हो गया है। इसके क़ानूनी रास्तों के बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट आर.एम. बगाई से सवाल कर रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।








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