फ़्रांस की पत्रिका 'ला मोंद' ने ख़बर प्रकाशित की है कि रफ़ाल सौदे के दौरान फ़्रांस की सरकार ने उद्योगपति अनिल अंबानी का करोड़ों रुपये का बक़ाया माफ़ कर दिया था। इस मुद्दे पर सुनिए वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह को।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।





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