उद्योगपति गौतम अडानी के इतने आयोजित-प्रायोजित इंटरव्यू क्यों किए जा रहे हैं? उनसे हल्के-फ़ुल्के सवाल पूछकर क्या साबित किया जा रहा है? क्या इसके पीछे अडानी की छवि को चमकाने की रणनीति काम कर रही है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























