मोरबी में पुल के टूटने से मौतों पर दुखी होना स्वाभाविक है मगर प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में इसी तरह का हादसा होने पर भावुक क्यों नहीं हुए? उन्होंने बंगाल के हादसे को फ्रॉड क्यों बताया? क्या उनके लिए चुनाव ही सर्वोपरि हैं इसलिए वे बंगाल में एक प्रतिक्रिया देते हैं और गुजरात में दूसरी? क्या इससे उनका सत्ता-प्रेम और दोहरापन फिर से उजागर नहीं हो गया है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























