जेएनयू में मेस में हुए बवाल की पृष्ठभूमि तो पहले से ही तैयार हो रही थी .कभी हलाल झटका तो तरह तरह के प्रतिबंध .पर गोवा से लेकर पूर्वोत्तर में ये खामोश रहते हैं .सारा जोर हिंदी पट्टी पर .क्या है इसकी वजह ?आज की जनादेश चर्चा इसी पर
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