विभूति नारायण राय हिंदी के ख्यात लेखक हैं। तमाम कहानियाँ, उपन्यास और लेख उन्होंने लिखे हैं। वह उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अफ़सर रहे और हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति भी रहे। जब गुजरात में दंगे हुए थे तब उन्होंने आईपीएस कैडर के अफ़सरों को पत्र लिखकर संविधान का पालन करने की अपील की थी। जेएनयू के मसले पर उनसे सवाल कर रहे हैं शीतल पी सिंह।




























