जोशीमठ में दरारें गहरा भी रही हैं और फैलती जा रही हैं। मकान धंस रहे हैं, सड़कें फट रही हैं। ऐसे में कैसे हो पाएगी बद्रीनाथ यात्रा? आलोक जोशी के साथ कर्णप्रयाग से जोशीमठ तक का हाल देख रहे पत्रकार हृदयेश जोशी और जोशीमठ के एक्टिविस्ट अतुल सती।
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।








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