अमृतसर स्थित स्वर्णमंदिर में आज फिर खालिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगे। अकाल तख़्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि नारों में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर उन्हें खालिस्तान दिया जाएगा तो वे ज़रूर लेंगे क्योंकि हर सिख यही चाहता है। सवाल उठता है कि इन अलगाववादी हलचलों पर प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी ने मुँह पर ताला क्यों लगा रखा है? वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























