उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश, फिर गोवा और गुजरात। अनेक राज्यों में कोरोना के बहाने, निवेश और उद्योग लाने के नाम पर श्रम क़ानून हटाए जा रहे हैं। क्या इससे कोई फ़ायदा होगा? आलोक जोशी ने बात की दो टूक बोलने वाले पूर्व आईएएस अनिल स्वरूप से जो लेबर को भी समझते हैं और उद्योगों को भी।
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।

























