नौकरशाही में सीधे नियुक्तियाँ करके मोदी सरकार क्या हासिल करना चाहती है? क्या वह बड़ी कुर्सी पर किसी संघी को बैठाना देगी? क्या आरक्षण को ख़त्म करने का ये भी एक तरीक़ा है? क्या नौकरशाही पर अडानी-अंबानी का कब्ज़ा हो जाएगा?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























