अजान के बदले हनुमान चालीसा की राजनीति को शिवसेना का जवाब। शिवसेना ने मनसे और बीजेपी को उन्हीं के दांव से चित किया? या हनुमान चालीसा का मामला उद्धव सरकार को भारी पड़ सकता है? आखिर यह राजनीति कहां पहुंचेगी? आलोक जोशी के साथ वरिष्ठ पत्रकार रोहित चंदावरकर, नीता कोल्हाटकर, संदीप सोनवलकर औऱ बीजेपी प्रवक्ता अली दारूवाला।
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