मध्य प्रदेश के दाहोद से सटी गुजरात की सीमा पर परमिट लेकर बसों से लौट रहे यूपी के मज़दूरों पर लाठीचार्ज हुआ है। मज़दूरों को कल रात ग्यारह बजे से ही बॉर्डर पर रोक दिया गया था। ग़ौरतलब है कि कल ही गृह मंत्रालय ने बसों से लौटने वालों के लिए राज्यों की सीमाएँ खोलने का एलान किया है! मज़दूरों से बात की शीतल पी सिंह ने।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।




















.jpg&w=3840&q=75)



