2-जी पर घोटाले का हल्ला मचाकर सरकार में आयी बीजेपी सरकार 5-जी को मुफ़्त में ट्रायल के लिए देने को तैयार है। कोई जवाबदेही है? 3-जी में सरकार को 2-जी जितना भी क्यों नहीं मिला? 4-जी इतना सस्ते में क्यों गया और 5-जी मुफ़्त में क्यों ऑफ़र है? देखिए सत्य हिंदी पर शीतल के सवाल।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।




















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