मुज़फ्फरपुर के रेलवे प्लेटफ़ार्म पर भारत का ज़मीर मरा पड़ा है जिसे एक ऐसा बच्चा ज़िंदा समझ रहा है जिसे इसका सच समझने लायक़ होने में कई बरस लगेंगे ।इसके लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है क्योंकि देश में अब किसी के ज़िम्मेदार होने की व्यवस्था ही ख़त्म की जा चुकी है । आइये भारतीय ज़मीर के अवसान की शोकसभा में शीतल पी सिंह से शोक संदेश सुन लीजिए!
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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