अमीरों पर दो फ़ीसदी टैक्स लगाने से कैसे तीन साल तक देश को कुपोषण से बचाया जा सकता है? अडानी पर डेढ़ फीसदी टैक्स लाखों लोगों को रोज़गार दिला सकता है? भारत के पाँच फ़ीसदी दौलतमंद साठ फ़ीसदी संपत्ति पर कैसे कब्ज़ा कर बैठे?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























