राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी का भाषण क्या कहता है? क्या भारत पाकिस्तान की तर्ज़ पर धार्मिक देश बनने जा रहा है? क्या हिंदुत्ववादी राजनीति की बढ़ती ताक़त लोकतंत्र के लिए बड़ा ख़तरा है? डॉ. मुकेश कुमार के साथ चर्चा में शामिल हैं- श्रवण गर्ग, प्रो. अपूर्वानंद, प्रो. आदित्य मुखर्जी-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























