ट्रंप हमेशा सुर्खियों में क्यों रहते हैं? अब उनके ख़िलाफ़ इंपीचमेंट यानी महाभियोग लगने के कारण सुर्खियों में हैं। महाभियोग पर ट्रंप की क्या पूर्व राष्ट्रपति निक्सन जैसी हालत होगी? क्या ट्रंप के बचने की कुछ भी उम्मीद है? 'सत्य हिंदी' पर देखिए 'शीतल के सवाल' में इन्हीं सवालों के जवाब।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।




















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