अट्ठाईस साल बाद बाबरी मस्जिद को ढहाने वाले मामले के सभी अभियुक्त बरी हो गए हैं। ये उनके और उनके समर्थकों के लिए खुशी की बात हो सकती है, मगर क्या ये न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए सही है? वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























