अब तो केंद्रीय चुनाव आयोग ही ऐसी IT कंपनी को सोशल मीडिया कैम्पेन के लिये नियुक्त करता मिला है जिसको सीधे सीधे पी एम समेत बीजेपी के तमाम वरिष्ठ नेताओं के अकाउंट हैंडल करते देखा जा सकता है जो केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया नामक कैंपेन की संचालक है ! स्वायत्तता क्या शब्द भर है पूछ रहे हैं शीतल पी सिंह
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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