शुक्रवार को लोकसभा में आरटीआई संशोधन बिल 2019 पास होने के बाद से ही इस पर सवाल खड़े होने लगे हैं। क़रीब 15 साल की जद्दोहद के बाद जो आरटीआई एक्ट जनता को मिला सरकार ने उसकी धार कुंद करने में 15 साल भी नहीं लगाए। सत्य हिंदी न्यूज़।
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