न कभी देखा था न सुना था पर अब देख भी रहे हैं और सुन भी रहे हैं। गोरखपुर की ट्रेन राउरकेला पहुँचती है और सिवान की आसनसोल, और ऐसा एक-दो नहीं चालीस ट्रेनें करके दिखाती हैं! रेलवे बिना पानी दिये बिना खाना दिये अस्सी-अस्सी घंटे सवारियों को भारत भ्रमण कराता रहता है। भूख-प्यास से दम तोड़ते बच्चे, औरतें, वयस्क रोगी ठहरा दिये जाते हैं और देश में सब कुछ सामान्य बना रहता है! इस पर रोयें कि हँसे? पूछ रहे हैं शीतल पी सिंह।
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