USCIRF की सालाना रिपोर्ट में क्यों भारत को नार्थ कोरिया जैसे देशों की लिस्ट में नत्थी कर दिया गया है जो कि अपने देशों में अल्पसंख्यकों के धार्मिक आधार पर उत्पीड़न के आरोपी हैं? विदेशी मामलों को देख चुके अवकाशप्राप्त राजनयिक, एक अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता और अमेरिका स्थित एक भारतीय पत्रकार से यही पूछ रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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