ये पहली बार है कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने बयान जारी करके कहा है नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ आंदोलन करने वालों को तुरंत रिहा किया जाए। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने एक तरह से मोदी सरकार को दोषी करार दिया है। पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























