पश्चिम बंगाल चुनाव की हकीकत समझने के लिए वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह बंगाल पहुँचे हैं. इस वीडियो में वो जंगलमहल क्षेत्र की जमीनी हकीकत बता रहे हैं। Satya Hindi
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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