आखिर क्यों प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन दिया जब कुछ नहीं कहना था। एक चर्चा- आशुतोष, आलोक जोशी, हर्षवर्धन त्रिपाठी और राजेंद्र तिवारी के साथ।
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।













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