रिटायर्ड IAS सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि विकास दूबे के फ़ायनेंसर जय बाजपेई के संबंध प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह तक जा निकले हैं और एस टी एफ की जाँच टीम के डीआईजी वही हैं जो कि कानपुर के एस एस पी थे ! वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता मुठभेड़ की पुलिसिंग पर सवाल उठा रहे हैं तो पूर्व सूचना आयुक्त राजकेश्वर प्रशासनिक दुरभि संधि उद्घाटित कर रहे हैं देखिये शीतल के सवाल ।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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